आज 1 अप्रैल 2026 है और नए वित्तीय वर्ष के आगाज के साथ ही बिहार समेत पूरे देश में आम आदमी की दिनचर्या और जेब से जुड़े कई नियम बदल गए हैं। बिजली के बिल से लेकर रेल सफर और टैक्स भरने के तरीके तक, अब आपको नई व्यवस्थाओं के साथ तालमेल बिठाना होगा।
बिहार बिजली बिल: अब समय देखकर जलाएं लाइट
बिहार के बिजली उपभोक्ताओं (विशेषकर 10 किलोवाट से अधिक खपत वाले) के लिए अब ‘टाइम ऑफ डे’ व्यवस्था लागू हो गई है। यानी अब बिजली की कीमत घड़ी की सुइयों के हिसाब से तय होगी:
सस्ता समय (सुबह 9 – शाम 5): बिजली दरों में 20% की राहत मिलेगी। भारी उपकरण इसी समय चलाना फायदेमंद होगा।
महंगा समय (शाम 5 – रात 11): यह ‘पीक ऑवर्स’ हैं, यहाँ बिजली का उपयोग सबसे खर्चीला साबित होगा।
सामान्य समय (रात 11 – सुबह 9): पुरानी सामान्य दरें ही लागू रहेंगी।
टैक्स फाइलिंग अब होगी आसान;
इनकम टैक्स विभाग ने जटिलताओं को कम करने के लिए शब्दों के मायाजाल को खत्म कर दिया है। अब करदाताओं को ‘असेसमेंट ईयर’ जैसे शब्दों में उलझने की जरूरत नहीं होगी; इसकी जगह सीधा ‘टैक्स वर्ष’ शब्द का इस्तेमाल होगा। इससे आम आदमी के लिए अपनी टैक्स देनदारी समझना सरल हो जाएगा।
यात्रा और परिवहन;
FASTag: निजी वाहनों के लिए सालाना पास की कीमत 3,000 रुपये से बढ़कर 3,075 रुपये हो गई है।
रेलवे रिफंड: टिकट कैंसिल कराने के नियम अब और सख्त हैं। अगर ट्रेन छूटने में 8 घंटे से कम का समय बचा है, तो आपको एक पैसा भी रिफंड नहीं मिलेगा।
बोर्डिंग स्टेशन: राहत की बात यह है कि अब आप ट्रेन खुलने से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं।
नया पैन कार्ड: सिर्फ आधार से काम नहीं चलेगा
अगर आप नया पैन (PAN) कार्ड बनवाने की सोच रहे हैं, तो अब केवल आधार कार्ड काफी नहीं होगा। पहचान सुनिश्चित करने के लिए अब आपको 10वीं की मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट में से कोई एक दस्तावेज अनिवार्य रूप से देना होगा।
ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी रोकने के लिए RBI ने ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ अनिवार्य कर दिया है। अब ट्रांजैक्शन के लिए सिर्फ OTP डालना काफी नहीं होगा, बल्कि सुरक्षा का एक और स्तर (जैसे बायोमेट्रिक या पिन) पार करना होगा।
पटना में कचरा प्रबंधन: नियम तोड़ा तो लगेगा जुर्माना
पटना वासियों के लिए कचरा फेंकने का तरीका बदल गया है। अब आपको घर में ही कचरे को चार अलग-अलग रंगों की बाल्टियों में बांटना होगा:
हरा: गीला कचरा (रसोई का सामान)
नीला: सूखा कचरा (प्लास्टिक, कागज)
लाल: सैनिटरी वेस्ट (डायपर, नैपकिन)
काला: खतरनाक कचरा (बैटरी, सुई, केमिकल)
प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री: जमीन-फ्लैट के दाम बढ़े
बिहार में घर या जमीन खरीदने का सपना अब थोड़ा महंगा हो गया है। सरकार ने जमीन के सर्किल रेट (MVR) में संशोधन किया है। कई प्राइम लोकेशनों पर रजिस्ट्री चार्ज और जमीन की सरकारी कीमतें पहले के मुकाबले काफी बढ़ गई हैं।
राजेश मिश्र



