आजकल बाज़ार में जाइए तो हर दुकानदार की जुबान पर एक ही वाक्य चिपका हुआ मिलता है, ‘भैया, युद्ध चल रहा है, इसलिए महंगा हो गया है।’टाइल्स हो, तेल हो, सब्ज़ी हो या सीमेंट, हर चीज़ की कीमत बढ़ने का कारण अचानक ‘युद्ध बन गया है। सवाल यह है कि क्या वाकई हर महंगाई के पीछे युद्ध ही जिम्मेदार है, या यह एक सुविधाजनक बहाना बनता जा रहा है?