Tuesday, March 3, 2026
  • क्या आपको दृढ़ विश्वास है कि-
  • आपकी कलम सामाजिक परिवर्तन लाने में सक्षम है?
  • यदि हां, तो सबकी आवाज को अपनी शक्ति बनाइये और
  • अपने शब्दों के अंदाज से दुनिया को बदलने की कोशिश कीजिये
  • यदि आप देश की वर्तमान दशा पर चिंतित है?
  • बेरोजगारी की वर्तमान हालत से परेशान है आप?
  • किशोर स्वास्थ्य समस्याओं को एक बड़ा मुद्दा मानते हैं?
  • तो यकीन मानिये - आपके मौलिक विचार दुनिया को
  • कई तरह से बदल सकता है।
  • जुड़िये सबकी आवाज डाट कॉम से

पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव: बैलेट पेपर पर फूटा छात्रों का गुस्सा, अपशब्द लिखने के कारण 510 वोट रद्द

पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (PUSU) चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं, लेकिन इस बार जीत-हार से ज्यादा चर्चा उन बैलेट पेपर्स की हो रही है जिन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर ही सवालिया निशान लगा दिए हैं। मतगणना के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे बैलेट पेपर मिले जिन पर छात्रों ने उम्मीदवारों के लिए न केवल आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं, बल्कि छात्र राजनीति को लेकर अपना गहरा आक्रोश भी व्यक्त किया था।

बैलेट पेपर पर दिखा ‘गुस्सा’, प्रशासन हैरान
पटना यूनिवर्सिटी चुनाव की काउंटिंग के दौरान उस समय कर्मी हैरान रह गए जब बैलेट पेपर्स पर उम्मीदवारों के खिलाफ अभद्र भाषा और अपशब्द लिखे मिले। कई बैलेट पेपर्स पर मतदाताओं ने किसी भी उम्मीदवार को चुनने के बजाय ऊपर से नीचे तक सभी प्रत्याशियों के नाम काट दिए थे। अधिकारियों के अनुसार, यह विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में बैलेट पेपर पर इस तरह की टिप्पणियां देखने को मिली हैं।

पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव के विस्तृत आँकड़ों के अनुसार, अध्यक्ष पद के लिए कुल 7,658 मतदान हुए थे, जिनमें से 315 वोटों को विभिन्न कारणों से रद्द कर दिया गया, वहीं महासचिव पद के लिए पड़े कुल 7,688 मतों में से 510 बैलेट पेपर अमान्य घोषित किए गए। चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मियों ने इस स्थिति पर टिप्पणी करते हुए बताया कि कई छात्रों ने उम्मीदवारों के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त करने और कैंपस की राजनीति के प्रति नाराजगी जाहिर करने के उद्देश्य से इन बैलेट पेपर्स का इस्तेमाल एक ‘प्रोटेस्ट टूल’ के रूप में किया था।

निर्दलीय उम्मीदवारों ने फिर चौंकाया
भले ही मुख्यधारा के राजनीतिक दलों के छात्र विंग ने पूरी ताकत झोंकी थी, लेकिन इस बार भी निर्दलीयों का दबदबा कायम रहा। सेंट्रल पैनल के उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी शिफत फैज ने 1,568 वोट पाकर शानदार जीत दर्ज की। शिफत की इस जीत के पीछे ‘टीम ओसामा’ की रणनीति को अहम माना जा रहा है।

गौरतलब है कि साल 2025 के चुनाव में भी निर्दलीय उम्मीदवारों ने ही बाजी मारी थी। उस समय सलोनी राज (महासचिव) और धीरज कुमार (उपाध्यक्ष) ने निर्दलीय लड़कर जीत हासिल की थी। टीम ओसामा के लीडर ओसामा खुर्शीद ने इस पर कहा कि यह उन लोगों के लिए जवाब है जो मानते हैं कि केवल सत्ताधारी दलों के समर्थन से ही चुनाव जीता जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों के वास्तविक मुद्दों पर बात करना ही जीत की असली कुंजी है।

 

राजेश मिश्र

Advertisements

Live Tv

राशिफल

यह भी पढ़े
आज का मौसम

RELATED NEWS