Tuesday, March 3, 2026
  • क्या आपको दृढ़ विश्वास है कि-
  • आपकी कलम सामाजिक परिवर्तन लाने में सक्षम है?
  • यदि हां, तो सबकी आवाज को अपनी शक्ति बनाइये और
  • अपने शब्दों के अंदाज से दुनिया को बदलने की कोशिश कीजिये
  • यदि आप देश की वर्तमान दशा पर चिंतित है?
  • बेरोजगारी की वर्तमान हालत से परेशान है आप?
  • किशोर स्वास्थ्य समस्याओं को एक बड़ा मुद्दा मानते हैं?
  • तो यकीन मानिये - आपके मौलिक विचार दुनिया को
  • कई तरह से बदल सकता है।
  • जुड़िये सबकी आवाज डाट कॉम से

ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई को RJD ने बताया मानवता के खिलाफ अपराध, कहा- ‘भारत ने खोया अपना सच्चा दोस्त’

पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हवाई हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो गई है। 28 फरवरी की देर रात तेहरान समेत ईरान के कई शहरों पर हुई भारी बमबारी के बाद 1 मार्च की सुबह ईरानी सरकारी मीडिया ने इस दुखद खबर को साझा किया। इस घटना के बाद ईरान में 40 दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की गई है।

RJD ने बोला अमेरिका और इजरायल पर हमला
इस अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के माध्यम से इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ करार दिया है। आरजेडी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत के साथ ही भारत ने अपना एक भरोसेमंद और पुराना दोस्त खो दिया है।

पार्टी ने अमेरिका की विदेश नीति पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जिस तरह अतीत में इराक, लीबिया और सीरिया को तबाह किया गया, वही खूनी खेल अब ईरान में दोहराया जा रहा है। आरजेडी ने इस हमले में निर्दोष नागरिकों और बच्चों की मौत पर गहरा दुख जताया है।

भीषण तबाही और परिवार का अंत
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस संयुक्त हमले में न केवल सैन्य ठिकानों बल्कि स्कूलों और रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया गया है। हमले की विभीषिका का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसमें अयातुल्ला खामेनेई के परिवार के चार सदस्य—उनकी बेटी, दामाद और पोते की भी जान चली गई है। ईरान के कई शहर मलबे के ढेर में तब्दील हो गए हैं, जिससे मानवीय संकट गहरा गया है।

भारत में आक्रोश की लहर
खामेनेई के निधन की खबर फैलते ही भारत के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर मुस्लिम समुदाय में जबरदस्त गुस्सा देखा जा रहा है। कश्मीर से लेकर लखनऊ और पटना तक, लोग सड़कों पर उतरकर इजरायल और अमेरिका के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों और किसी देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन है। धार्मिक गुरुओं ने इसे वैश्विक शांति के लिए एक बड़ा खतरा बताया है।

विश्व समुदाय अब इस बात को लेकर चिंतित है कि ईरान की इस क्षति के बाद मध्य पूर्व में युद्ध की लपटें और कितनी तेज होंगी और क्या यह तीसरे विश्व युद्ध की आहट है।

राजेश मिश्र

 

Advertisements

Live Tv

राशिफल

यह भी पढ़े
आज का मौसम

RELATED NEWS